आन फार्म टायल

स - आन फार्म ट्रायल :

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न प्रमाणित तकनीकों को जनपद के वातावरण में जांच हेतु लगाया जाता हेै तथा उनकी पुश्टि के उपरान्त उन्हें कृशक प्रक्षेत्रों पर अग्रिम पंक्ति प्रदर्षन के माध्यम से प्रसारित किया जाता है। परीक्षण कृशकों के यहां कराये जाने से उनकी तकनीक के प्रति विष्वसनीयता बनीरहती है। प्रत्येक वर्श खेती एवं पषु पालन आधारित 5-6 तकनीकों की जांच की जाती है। अबतक पषुओं पर आधारित चार तकनीकों की पुश्टि की जा चुकी है।


य- मासिक गोश्ठी :

केन्द्र द्वारा जनपद में 319 सदस्यीय चन्द्रषेखर कृशक समिति की मासिक बैठक प्रत्येक माह की 3 तारीख को जनपद के कृशि भवन में की जाती है। जिसमें पिछले माह के कार्यों की चर्चा तथा आने वाले माह की रणनीति निर्धारित की जाती है।


र-प्रक्षेत्र भ्रमण तथा रोग निदान (डाय्गनोस्टिक) भ्रमण :

वैज्ञानिक समय-समय पर कृशक प्रक्षेत्रों तथा अग्रिम पंक्ति प्रदर्षन प्रक्षेत्रों का भ्रमण करके आवष्यक सुझाव किसानों को देते हैं तथा किसी समस्या के दिखाई देने पर किसानों की सूचना पर डायग्नोस्टिक विजिट करके समस्या का समाधान भी किया जाता है। वर्शवार 2015-16 में कुल 197 डायगनोस्टिक विजिट सम्पन्न की जा चुकी है।


ल- किसान मेला :

किसानों की क्षमता विकास हेतु चन्द्रषेखर आजाद कृशि एवं प्रौ. वि. वि., कानपुर में प्रत्येक वर्श अक्टूबर एवं फरवरी/मार्च माह में आयोजित किसान मेला में लगभग 175 किसान भ्रमण करते हैं तथा प्रत्येक वर्श फरवरी/मार्च माह में केन्द्र पर किसान मेला एवं कृशि प्रदर्षनी में लगभग 500 किसान एवं 50 कृशि अधिकारी भाग लेते हैं।


र- बीज उत्पादन कार्यक्रम :

जनपद की बीज की आवष्यकता को पूरा करने के उद्देष्य से निदेषक, बीज एवं प्रक्षेत्र के मार्ग-दर्षन में वैज्ञानिकों द्वारा प्रत्येक वर्श लगभग 200 कु0 आधारीय बीज का उत्पादन किया जाता है जिसे संसाधनोपरान्त कृशकों को विक्रय कर दिया जाता है।


ल- किसान सम्मान दिवस का आयोजन :

माननीय चै. चरण सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्श 23 दिसम्बर को किसान सम्मान दिवस का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक वर्श कृशि में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पांच किसानों को षाल प्रदान कर सम्मानित किया जाता है। इस वर्श दिनांक 24 दिसम्बर को महिला कृशकों हेतु अलग से आयोजन किया गया। वर्शवार 2015-16 में दिनांक 23 दिसम्बर, 2015 को 70 कृशकों ने किसान सम्मान दिवस में भाग लिया तथा दिनांक 24 दिसम्बर, 2015 को 60 महिला कृशकों ने भाग लिया।


व- कृशि साहित्य सेवा :

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न विशयों पर समय सामयिक कृशि लेखों को फोल्डर्स एवं पम्फलेट के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों एवं उनके केन्द्र भ्रमण के दौरान निषुल्क वितरित किया जाता है। वर्श 2015-16 में पांच विशयों पर 5000 पम्फलेट की छपाई कराई गई है। केन्द्र पर किसानों हेतु एक कृशक पस्तकालय भी बना है जहां पर कृशक अपनी आवष्यकता के अनुसार साहित्य प्राप्ति कर निषुल्क पढ़ सकते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा रेडियो एवं टेलीवीजन पर खेती एवं पषुपालन सम्बन्धित वार्ता हेतु समय-समय पर प्रतिभाग किया जाता है। वर्तमान में जनपद के 500 प्रगतिषील कृशक वायस कृशि विज्ञान सेवा हेतु पंजीकृत कराये जा चुके हैं, जिसके माध्यम से समय-समय पर खेती बाड़ी से सम्बघित सूचना किसानों के मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाती है।


अन्य प्रोजेक्ट : निक्रा

केन्द्र पर अप्रैल, 2011 से क्रीडा, हैदराबाद द्वारा वित्त पोशित नेषनल इनिषियेटिव आन क्लाईमेट रिजिलेन्ट एग्रीकल्चर (छप्ब्त्।) परियोजना का संचालन किया जा रहा है। यह परियोजना मौसम के बदलते परिवेश में मौसम की विपरीत परिस्थितियों में खेती एवं पषु पालन में आवष्यक परिवर्तन करके किसानों पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को कम करना है। वर्तमान में यह परियोजना मनकी खुर्द गांव में संचालित हो रही है।